तारकेश्वर पटवा/ संवाद 36/ कोरबा
???? करोड़ों रुपये हो रहे खर्च,स्कूली बच्चों के जान ताक में रख कर की जा रही निर्माण कार्य
???? ऊपर तक सेटिंग होने की बात बता कर हो रहा गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य
???? बकायदा ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अफ़सरों के देख रेख में चल रहा भ्रष्टाचार का खेल
कोरबा.सरकार की राज्य में शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के संकल्प में सरकार
जो की पहले से संचालित स्कूलों का उन्नयन करके स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय हिन्दी एवं अग्रेजी माध्यम में परिवर्तित कर रहे हैं जिसके लिए भवन,फर्नीचर आदि सभी को नए एवं उन्नत किस्म के सामाग्री स्कूलों में उपलब्ध कराने है
इसी मामले में कोरबा ज़िला के पाली विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत नुनेरा के पूर्व से संचालित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को परिवर्तित कर अब स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूल में उन्नयन किया गया है जिसका निर्माण कार्य चल रहा है
जहां पर ग्रामीण जन प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा निर्माण कार्य का जायज़ा लेने पहुँचे तो जिस जगह 16 एमएम की सरिया लगने थे वहां पर 10,8 एमएम की सरिया लगे हैं,छत की ढलाई में बिना क्रेन्क प्रक्रिया की की जा रही है जिस छत की ढलाई की मोटाई मात्र 2 इंच है,वही पुराने लकड़ी के सेटरींग प्लेट उपयोग में लाया जा रहा है ढलाई में मजबूत राफ्टर की जगह कच्चे बास को लगाया गया है जिससे छत अभी से झुका हुआ दिख रहा है
स्कूल के पुराने फर्नीचर का उपयोग–
भवन निर्माण में स्कूल के पुराने फर्नीचर का उपयोग सेटरींग प्लेट के बदले किया जा रहा है जिसमे पुराने ब्रेन्च,टेबल,कुर्सी के सड़े हुए पुर्जे को उपयोग में लाया जा रहा है
Author: Rupesh Kanwar
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