संवाद 36 / कोरबा
मामला पाली विकासखंड का
???? शासन के निर्देशों की उड़ रहीं धज्जियाँ
???? छ. ग. पाठ्य पुस्तकों को छोड़ अपनी मनमर्जी की पुस्तके चला रहे प्राइवेट स्कूल
???? मात्र सेटिंग वाली दुकानों मे मिलती हैं प्राइवेट स्कूल की पुस्तके
नुनेरा / पाली – हाल ही मे प्रदेश स्तर पर हुए पाठ्य पुस्तक निगम के अखंड भ्रष्टाचार के बावजूद भी राज्य के शिक्षा विभाग के अफसर मुक दर्शक बनकर बैठे है,प्राइवेट स्कूलों और उनके एजेंट के रूप मे पुस्तक विक्रेताओं के ऊपर ना ही स्कूलों के पुस्तकों का जाँच हो रहीं है और ना ही शिक्षा गुणवत्ता और व्यवस्थाओ का
इसी विषय पर एक शिकायत आज पाली विकासखंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी को प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे के पालक ने की है
जिसमें पाली स्थित एक पुस्तक दुकान में एक प्राइवेट स्कूल की पुस्तक जिसमें मूल्य अंकित नहीं था जिसे ऊंचे दामों पर बेचा गया है
पाठ्य पुस्तक में मूल्य अंकित नहीं होने के बावजूद भी दुकानदार ने बाकायदा उक्त पुस्तक की बिल पालक को दिया है जिसकी शिकायत उसने विकासखंड शिक्षा अधिकारी से की और उचित कार्यवाही की मांग की है


Author: Rupesh Kanwar
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