कोरबा। छुरीकला स्थित पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं और आंदोलन के बाद प्रशासनिक कार्रवाई का मामला चर्चा में है। कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास), जिला कोरबा द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में छह विद्यार्थियों को दूसरे एकलव्य विद्यालयों में स्थानांतरित करने तथा तीन विद्यार्थियों के निलंबन प्रमाण-पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रतिबंधित वस्तुओं पर सवाल आवासीय विद्यालय में मोबाइल कैसे पंहुचा जिम्मेदार कौन?
जारी आदेश में कार्रवाई का आधार अनुशासनहीनता से संबंधित मामले बताए गए हैं। आदेश के अनुसार, पूर्व में विद्यालय का निरीक्षण किया गया था तथा छात्रावास में प्रतिबंधित वस्तुओं की बरामदगी और मोबाइल फोन, चार्जर एवं पेन ड्राइव जब्त किए जाने का उल्लेख किया गया है।
लेकिन सवाल यह है कि एकलव्य विद्यालय पूर्ण आवासीय विद्यालय है वंहा ये प्रतिबंधित वस्तुएं कैसे पंहुची इसके लिए एकलव्य विद्यालय प्रशासन और संबंधित छात्रावास अधीक्षक भी जिम्मेदार है, विद्यालय प्रशासन की लापरवाही को छुपाने का प्रयास किया जाना प्रतीत हो रहा है ।
हालांकि, इस मामले में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं के विरोध में किए गए आंदोलन और उनकी मूल शिकायतों की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। यह आवश्यक है कि विद्यार्थियों की शिकायतों, प्रशासनिक जाँच के निष्कर्षों और की गई कार्रवाई के औचित्य को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए।
प्रमुख सवाल यह है कि विद्यार्थियों की शिकायतों का समाधान किस स्तर तक हुआ है और क्या संबंधित विद्यार्थियों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया? यदि आंदोलन के पीछे विद्यालय की व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याएँ थीं, तो उनकी निष्पक्ष जाँच और समाधान भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
यह निलंबन और विद्यार्थियों के स्थानांतरण कार्यवाही से कई सवाल उठ रहे हैं जैसे व्यवस्था को लेकर आंदोलन के बाद ही कैसे पता चला की आवासीय विद्यालय में मोबाइल जैसे प्रतिबंधित वस्तुएं है क्या जिला प्रशासन एकलव्य की अव्यवस्था पर पर्दा डालने के लिए यह कार्यवाही कर रही है।

जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष समीक्षा की जाए, विद्यार्थियों के हितों और शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखा जाए तथा नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाए। बच्चों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रखते हुए विद्यालय में बेहतर व्यवस्था और अनुशासन सुनिश्चित करना आवश्यक है।











